Saare Jahan Se Achchha Hia India Hamara
ये गर्भ
में मार देने वालों, पत्थर सरिया भरने वालों, बलात्कारी,
एेसिड अटैकरों, लोभियों,
ज़िदा जला देने
वालों, सतियों, तलाक़ियों,
नग्न घुमाकर पीटने
वालों की समाज है... क्या बदला है सदियों से पहले भी जननागों में ताले डाले जाते
थे, बाल विवाह- विधवा का शोषण, अर्थी में पटककर जला देते थे...
अब उन
कुकर्मों ने नई शक्ल ले ली है..

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