Sunday, May 15, 2016



Saare Jahan Se Achchha Hia India Hamara
सारे जहां से अच्छा है इंडिया हमारा।
हम भेड़ बकरी हैं इसके, ये 'गड़ेरिया' हमारा।।
सत्ता के खुमारी में आज़ादी सो रही है।
हड़ताल क्यों है इसकी, पड़ताल हो रही है।।
लेकर के क़र्ज़ खाओ ये फ़र्ज़ है तुम्हारा।
सारे जहां से अच्छा है इंडिया हमारा।।
चोरों और घूसखोरों, पर नोट बरसते हैं।
ईमान के मुसाफिर, राशन को तरसते हैं॥
वोटर से वोट लेकर, वो कर गए किनारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥
जब अंतरात्मा का, मिलता है हुक्म काका।
तब राष्ट्रीय पूँजी पर वे, डालते हैं डाका॥
इनकम बहुत ही कम है, होता नहीं गुजारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥
हिन्दी के भक्त हैं हम, जनता को जताते हैं।
लेकिन सुपुत्र अपने, 'कॉनवेंट' में पढ़ाते हैं॥
बन जाएगा 'कलक्टर, देगा हमें सहारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥
फिल्मों पे फिदा लड़के, फैशन पे फिदा लड़की।
मजबूर मम्मी-पापा, पॉकिट में भारी कड़की॥
बॉबी को देखा जबसे, बाबू हुए आवारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥
जेवर उड़ाके 'बेटा, मुम्बई को भागता है।
जीरो है किंतु खुदको, हीरो से नापता है॥
स्टूडियो में घुसने, पर गोरखा ने मारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥

अदम गोंडवी

No comments:

Post a Comment