Wednesday, May 25, 2016

Why girls do not impress you



-बाजार व्यवस्था और स्त्री-


दिग्गी... से कोई लड़की इंप्रेस नहीं होती है।


वो बचपन से इस कोशिश में लगा रहता कि कोई लड़की इंप्रेस हो जाए लेकिन ये सौभाग्य उसे प्राप्त नहीं हुआ!

इस कोशिश में उसने ना जाने कितने ही लड़कियों से दोस्ती की स्कूल, कॉलेज, गाँव मोहल्ले हर जगह ट्राई कर लिया यहाँ तक की लड़की को इंप्रेष करने के लिए उसने शादी तक कर ली लेकिन उसकी दाल यहाँ भी नहीं गली!


अपनी ही मिसेस ना पटे ऐसा तो कहीं हुआ नहीं.. लेकिन दिग्गी.. की तो किस्मत ही खराब थी, उसकी बीबी रोज उसे ताने मारती कहती "कम से कम एक बार तो मुझे पटा लीजिए" लेकिन दिग्गी.. के लाख कोशिश करने के बाद भी वो किसी लड़की को इंप्रेस नहीं कर पाए!


पता है क्यों?


क्योंकि दिग्गी.. कभी.. क्लोजअप (अरे वही दमकती साँसों वाला जिसके मंजन करने के बाद फूँक मारते ही - लड़की तो गई समझो), हाँ तो वो 'क्लोजअप' नहीं लगाते थे।

ऐसे विज्ञापन वाले उदाहरण आपको हिन्दू देवी-देवताओं के गिनती [33,00,00,000] जितने मिल जाएँगे या शायद उससे भी ज्यादा..
लेकिन क्या सच में ऐसा होता है?

क्यों कोई मानवाधिकार के बड़े लड़ाके इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाते?
- -     Riya

Monday, May 23, 2016

The Story of Screenshot

आइये आपको कुछ खास बातें बताती हूँ..

आजकल सोशल मीडिया में हर बात पे Screenshot भेजने या दिखाने का चलन बहुत ही तेजी से फैलता जा रहा है.. और हो भी क्यों नहीं ये तत्काल किसी की गतिवीधियों का एक चित्र बनाकर आपके पास हमेशा के लिए सुरक्षित (save) कर देता है चाहे वो कोई तस्वीर हो या कोई लेख, संवाद.. कई बार तो हम जिन तस्वीरों को डाउनलोड नहीं कर पाते उन्हें भी हम Screenshot के जरिए अपने पास सुरक्षित (Save) कर लेते हैं जो एक आसान सा माध्यम है.. बहुत से लोग इस तरीके से अपने इंटनेट के डाटा का खर्च होने से बचाने के लिए भी करते हैं..
लेकिन क्या आपको मालूम है कि जब हम किसी भी ग्राफ़ का Screenshot लेते हैं तो वह किस रूप (format) में Save होता है.? असल में ज्यादातर हमें ‘JPEG File Interchange Format (*jpg)’ format में तस्वीरें देखने को मिलती है जिसमें कोई छुपा हुआ ग्राफ नहीं रहता है.. जो भी होता है वो सामने दिखता है.. लेकिन लगभग सभी Screenshot ‘Portable Network Graphics (*.png)’ format में बनती है, जिसमें चित्र के कुछ भाग अनिश्चित होते हैं मतलब आपके देखने लायक नहीं होते हैं.. इन दोनों format के तस्वीरों में वैसे तो कोई खास फर्क नहीं होता जिसे आप देख सकें लेकिन अगर बहुत गौर किया जाय तो (*.png) format (*.jpg) format से थोड़ा साफ़ दिखाई देता है.. और जब भी आप किसी सोशल मीडिया साइट पर तस्वीरें अपलोड करते हैं चाहे वो किसी भी format में हो.. वह अपने आप ही (*jpg)’ format में बदल जाता है.. लेकिन इस थोड़े से अंतर के कारण आपके तस्वीर की साइज में 100kb तक का फर्क होता है.. मतलब हर Screenshot तस्वीर पर 100kb फालतू खर्च होता है जिसे बड़े आसानी से रोका जा सकता है..

कैसे – [?] आप इस चित्र में देख रहे होंगे कि इसमें दो अलग अलग चित्र एक साथ हैं असल में एक चित्र में सीधे Screenshot की detail है तो दूसरे में इसी चित्र को थोड़ा सा crop करके detail दी गई है.. आप देख सकते हैं कि इन दोनों के आकार में कितना ज्यादा फर्क है.. आपको इस बचत के लिए बस इतना भर करना है कि आप किसी भी Screenshot अपने फोन से थोड़ा सा crop कर दें.. इसके बाद उस फ़ोटो को save कर लें.. और पहले वाली screenshot को मिटा दें.. ताकि आगे भेजने में confusion न हो..

इस तरह आप हर Screenshot पर 100KB तक बचा सकते हैं.. J

Thanx for reading..

Sunday, May 22, 2016

महिला नेत्री के साथ छेड़खानी




बीजेपी महिला नेत्री के साथ छेड़खानी और रेप का मामला
एक तांत्रि‍क ने भूत भगाने के नाम पर बीजेपी महिला नेत्री के साथ छेड़खानी और रेप का मामला सामने आया है । मामला शुक्रवार का है। दो दिन तक दवा के असर से महिला बोल नहीं सकी। रविवार को जब दवा का असर खत्‍म हुआ तो उसने पति के साथ न्‍यू आगरा थाने में तांत्रिक के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। पुलिस ने तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया है। मामला थाना न्‍यू आगरा के बल्‍केश्‍वर इलाके का है। महिला के पति खंदौली कस्‍बे के उजरई में एक मंदिर में जाते थे।


उन्‍होंने बताया कि यहां पर उसकी मुलाकात दिलीप नाम के तांत्रिक से हुई। उनको शक था कि उसकी पत्‍नी पर ऊपरी चक्‍कर या भूत का असर है। तांत्रिक ने भरोसा दिलाया कि वह उसकी पत्‍नी के ऊपरी चक्‍कर से राहत दिलवा देगा। वह उस तांत्रिक को बुलाकर अपने घर ले आया। तांत्रिक दिलीप ने बहाना बनाया और पति व उसके बेटे को घर से बाहर भेज दिया। घर में केवल उसकी पत्‍नी थी।

बीजेपी विधायक की अंतरंगी तस्वीरें

बीजेपी विधायक की अंतरंगी तस्वीरें सोशल मीडिया पर हुई वायरल


इन दिनों सोशल मीडिया पर एक अंतरंगी तस्वीर वायरल हो रही है जिसको राजस्थान के भरतपुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक विजय बंसल की बताई जा रही है. जब बीजेपी विधायक विजय बंसल को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने उस फोटो में खुद के होने से इनकार किया और साथ उस फोटो के माध्यम से उन्हें बदनाम करने वाले के खिलाफ सख्त कार्यवाई करने की मांग की.

First Woman IPS Officer


नई दिल्ली

पूर्व आईपीएस अधिकारी रही किरण बेदी को पुडुचेरी का उप-राज्यपाल बनाया गया है। केंद्र सरकार ने रविवार दोपहर इसका फैसला लिया। प्रेसिडेंट प्रणब मुखर्जी ने उनके अप्वाइंटमेंट को मंजूरी दे दी है। बेदी 2016 में दिल्ली में बीजेपी की तरफ से सीएम कैंडिडेट भी थीं। हालांकि इन चुनावों में बीजेपी को जीत हासिल नहीं हुई थी। खुद किरण बेदी भी चुनाव हार गई थीं।


Faacebook ka Junoon







💓 💘 💖 💔 💁🏼 🚵

न दिन को सुकून है साथी
न रात को सुकून है..
ये कैसा हमपे बोलो फेसबुक का जूनून है
ये लगा रक्खे है जो बटन लाइक के
ये बटन मेरे की-बोर्ड का कून है

हो शेयर करके.. हो शेयर करके..
हो शेयर करके देखो मेरे पोस्ट का
कमेंट मेरे याद करोगे...
जब फ्रेंड्स की याद तुम्हें आएगी
तुझे चेष्टा की कमेंट बहुत सताएगी
हो बटन लाइक के,
हो बटन लाइक के.. दब जाएँगे
फिर पोस्ट बार.. बार पढ़ोगे..
हो शेयर करके देखो मेरे पोस्ट का
कमेंट मेरे याद करोगे...
कर याद वो जमाना इनबाक्स का
चाय पानी भी होता रोज-रोज का
हो कप भी गिर जाते थे जो तुम खूब मज़ाक करते थे
हो शेयर करके देखो मेरे पोस्ट का
कमेंट मेरे याद करोगे...


Saturday, May 21, 2016

Ordinance Law in 2 years


अध्यादेश (आर्डनेंस) किसे कहते हैं?

यदि विधान मंडल का सत्र न चल रहा हो तो कार्यपालिका द्वारा जारी किया गया अस्थायी नियम अध्यादेश कहलाता है हालाँकि वह पूरी तरह से कानून होता है और न्यायपालिका उसके आधार पर न्याय का प्रशासन करती है। यह केवल छह  माह तक ही वैध रहता है। यदि उसके बाद भी उसे जारी रखना हो तो विधान मंडल द्वारा अधिनियम पारित कराना होता है। कोई भी विधान पारित किए जाने से पहले `विधेयक' (बिल) कहलाता है। जब उसे विधान मंडल द्वारा पारित कर दिया जाता है और उसे भारत के राष्ट्रपति या प्रदेश के राज्यपाल द्वारा, जो भी लागू हो, अनुमोदित करने के बाद वह कानून (अधिनियम) का रूप लेता है। अध्यादेश जारी करने की शक्ति राष्ट्रपति/राज्यपाल को होती है।

इसके अलावा `आचार विधि' (Customary Law) भी कानून होती है जो किसी भी कानून के ऊपर लागू होती है। कभी-कभी आचार विधि कानून पर भी अभिभावी हो जाती है, जैसे, हिंदू ला और मुस्लिम ला।

संविधान दो प्रकार के होते हैं - सुपरिवर्त्य (Flexible) और अपरिवर्त्य (Rigid) । इन दोनों प्रकार के संविधानों के उदाहरण, क्रमशः अमरीका और ब्रिटेन हैं। भारत का संविधान सुपरिवर्त्य संविधान की ओर झुका हुआ है। ब्रिटेन का संविधान लिखित संविधान नहीं है। वहाँ पर न्यायालयों के निर्णय कानून का रूप ले लेते हैं। हमारे यहाँ के उच्च और उच्चतम न्यायालयों के निर्णय निचली अदालतों द्वारा निर्णय करने के लिए मार्गदर्शन के रूप में अपनाए जाते हैं। अतः उन्हें न्याय प्रशासन में न्यायालयों द्वारा मान्यता दी जाती है। संवि‍धान के अनुच्‍छेद 141 के अनुसार यदि किसी विषय में कोई अधिनियम न हो और उच्‍चतम न्‍यायलय उस विषय में कोई गाइडलाइंस नियत करता है तो वे गाइड लाइंस तब तक कानून का प्रभाव रखेगा जब तक कि न्‍याय पालिका उसे कानून का रूप न दे दे, जैसे, महिलाओं के प्रति यौन उत्‍पीड़न के बारे में कोई कानून नहीं है। परंतु विशाखा बनाम राजस्‍थान सरकार मामले में उच्‍चतम न्‍यायालय ने गाइडलाइंस नियत की है जो काननू के रूप में प्रभावी है। यदि विधायिका चाहे तो उन निर्णयों को प्रभावी किए जाने से उन्हें निरस्त कर सकती है, जैसे, शाहबानो के मामले में राजीव गांधी की सरकार ने किया था।

Bewafa Mohabbat


Agar Woh #Zindagi Me Faqat Ek Baar Mera Ho Jata,
To Mai'n Zamaane Ki Kitaabo Se Lafz #Bewafai Hi Mita Deti.
💓 💌 💔 💘 💖

Love You


दिल है या किसी मंत्री का इस्तीफ़ा
कब से माँग रही हूँ देते ही नहीं..


Friday, May 20, 2016

Girls Listen Carefully

लड़कियों...!¡
चलो इधर…; पढ़ो ये पोस्ट और नोट करो अपनी डायरी में… 
तुम्हें मालूम तो होगा लेकिन फिर से पढ़ लो। 2005 में ही बन गया था कानून कि हिन्दू परिवारों में लड़के और लड़कियों के बीच संपत्ति का समान बंटवारा किया जाएगा। एक बार फिर से पढ़ो। नोट भी करती च लो कि तुम्हें अपने पिता की स्थायी अस्थायी सारी प्रॉपर्टी में तुम्हारे भाइयों जितना ही अधिकार मिला हुआ है। ये पोस्ट इसलिए लिख रहा हूँ कि लड़कों के हाथ जोड़ना बंद करो। मत कहो कि दहेज मत लो। अब तुम खुद इन्कार करो दहेज लेने सेदहेज का सामान अपने साथ ले जाने से। अपने माँ बाप भाइयों के सामने सीधी बात रख दो कि अपना दानदहेजनेग और खोइंछा सब रखिए अपने पास और मुझे दीजिये खेत मेंमकान मेंदुकान मेंबैंक बैलेंस मेंप्लॉट मेंगाड़ी में और धंधे में हिस्सा। इसके बाद दीजिये सुखी रहने का आशीर्वाद.... और कुछ नहीं चाहिए बोल दो। बड़ी चालाकी हैसमझती नहीं हो तुमलोग....
और क्लियर बताएं....ऐसे समझो कि तुम्हारे माँ बाप।भाई और बाकी घर वाले तुम्हें जो दहेज देकर विदा कर देते हैं नवही तुम्हारे अंतहीन दुखों का दस्तावेज़ बन जाता है और उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होता है तुम्हारे माँ बाप का…! क्योंकि आमतौर पर हर माँ-बाप पाणिग्रहण कराते समय ही कन्यादान भी कर देता है। अपने उन्ही माँ बाप को बतियाते कभी सुना नहीं है क्या कि दान दी हुई वस्तु पर हमारा कोई अधिकार नहीं होता...तो पहले दान कर देते हैं तुम्हें वस्तु बनाकर और फिर साथ में लगा देते हैं दहेज का मुलम्मा। उसके बाद तुम्हें कोई दुख पड़े तो कहते फिरेंगे कि हमने बेटी बेची थोड़ी है। हम सबक सिखा देंगे। अरे क्या सबक सिखा देंगे अब आप...बेची नहीं हैपर दान तो कर ही दी है। दान किए पर अब आपका क्या हक़ भाई। मरने दो बेटी को। आपका बोझ तो कम हुआ...! आपकी ज़िम्मेदारी तो खत्म हुई। अब तो छाती फुला के घूमिए कि दो बेटे हैं साहब अपने अपने काम में व्यस्त हैं और दो बेटियाँ हैं साहब वो अपने अपने घर सुखी हैं। कहते हुए कलेजा चाहे जितना लरजता होजीभ जरा भर भी नहीं लरजती माँ बाप की। तो कलेजा ही लरजता रहे ज़िंदगी भरऐसा काम करना ही क्यो...लड़कियोंअब तुम्ही उठाओ अपना झण्डा खुद और अपने माँ बाप के चरणों में पड़ जाओ। कह दो कि मत करिए मुझे सुखी। हम दे लेंगे खुद को सुख। हमे बस प्रॉपर्टी में हिस्सा दे दो बाकी के एक नए या पुराने पैसे नहीं चाहिए हमें। बिलकुल नहीं चाहिए कह दो। कह दो कि हम नहीं ले जाएँगे साड़ियों और गहनों के बक्से। नहीं ले जाएँगे पर्स भर के नोट। नहीं ले जाएँगे टीवीफ्रिजगाड़ीएसेट्स और विदाई का धन। मत ढँकिए मुझे कफन जैसा दिखने वाले उस सुनहरे ओहार में जिसमे लिपटकर अंतिम विदाई जैसा एहसास होता है। कह दो कि।मत करिए मुझे विदा। अरे शादी करनी थी तो विदा क्यों करने लगे भाई...! शादी करनी थी तो शादी करो पर विदा मत करो। रहने दो मुझे भी अपने बाप की हैसियत मे। और शादी करके जब ससुराल जाओ तो अपने मन मोहन मियां मुशर्रफ को और उनकी माताजी को भी जरा कायदे से समझाओ। समझाओ ये कि ये मुंहदिखाई सब रखिए सलाद खाइएगा.....। वहाँ अपनी ननदिया को हिस्सा दिलवाओ और मकान में उसका हिस्सा खाली कर दो। कह दो कि रजिस्ट्री करिए पूरी प्रॉपर्टी में उसका हिस्सा उसके नाम। वो चाहे मायके की हो या ससुराल की। सारी लड़कियों को अपने गोल में कर लो। सब मिलजुलकर लड़ो। खुदे ननद भौजाई बनकर मत लड़ती रहो। इससे लड़ाई में कमजोरी आती है। सब मिल के खोलोगी तब खुलेगा इन लोगों की अक्कल का ताला। जंग बहुत पुरानी लगी है। उनकी स्ट्रेटजी को समझो और अपनी स्ट्रेटजी खड़ी करो। तब मिलेगी ताक़त और तब मिलेगी आज़ादी। एक घर मायके में भी होगा तो ससुराल की जमीन ज्यादा उछाल नहीं पाएगी तुम्हें। इन लोगों की चालाकी समझो। जाने अनजानेअपनी बेटियों के दुश्मन तो वो माँ बाप ही बने बैठे हैं जो अपनी बेटियों को उनका हिस्सा नहीं देकर दहेज देने के लिए जीवनभर एड़ियाँ रगड़ते रहते हैं। मेरी बात लिख के याद कर लो तुम्हारी आधी जंग को परिणाम मिल जाएगा....

- प्रेम प्रकाश जी के फेसबुक वॉल से ✍

Girls… listen carefully

You know that, but listen again. Make a law in 2005 IPC© all Hindu family divide property between girls & boys like equally. Read again and note also ‘you have right to get all type property from your father & mother like same as your brother.’ I write this post because you don’t excuse/pray to your brother and any people. Don’t say please do not take dowry. Now you say yourself forbid for dowry and not carry any type of dowry. Say direct to your mother father brother “Keep your DAAN, DAHEZ, NEG & KHOINCHHA like all type of this and give me partnership in house, in land, in shop, in bank balance, in plot, in vehicle and business.”  Then say that now give the blessing……… and not want anything. Very clever things in those things, you don’t understand this sentence.. And say clearly..!
So consider this ‘your parents brother and other relatives turn off given with dowry and other gifts’ that is the stamp paper for your sorrow.. And stamp paper has signature your parent’s. Because usually every parent While The PANIGRAHAN also turn (Girl Donate) KANYADAAN.. You do not listen to them; speak to your parents that “Dose not has any authority on donated object!” So first he will donate ‘you’ like an object, and again if were suffering so will say that everyone “We do not sell my daughter, we will teach lesson” Hey, what lessons will teach you?? You dose not sold but donated you. What authority on donated object? Let die your daughter. Your burden is low. Your responsibilities are ended. Let us now walk proudly and say boys are busy in his work and daughter get married everybody is happy & living well.. Must be ashamed by hart but not once time ashamed to talking that from your parents face.. So why do that work, if you feel ashamed.. Girls you pick your own flag and go down in steps.. Tell them – “Do not let 'me' happiness, we will give ourselves” Tell them – “Just give us a share in property only, and I don’t want anything” Do absolutely refuse all things.. Tell them – “I do not carry Television, Refrigerator, Car, States and Funds” Tell them – “Please do not cover me with this Bright Cerecloths, I feel like my funeral in alive” after married you get the in-lows so explain your mother in low and husband peacefully – “Please keep MUHADIKHAAI to yourself, enjoy yourself..” There's your sister-in-low’s share recognized and give her and free her property for herself.. Say to in-lows – “Get registry their portion.. Whether it be parents or in-laws of..” And take all the girls into their goal. All fought on cooperation basis. Do not let Cat Fight with in-lows..


Note - इसके अंग्रेजी अनुवाद मैंने खुद किए हैं। अगर अनुवाद में कोई त्रुटी हो तो हमें कमेंट में सुचित जरुर करें। मैं आपकी सदा आभारी रहुँगी।

Monday, May 16, 2016


LallantopJokes
सूरज की पहली किरण दे खुशी आपको,
सूरज की दूसरी किरण दे हँसी आपको,
सूरज की तीसरी किरण दे उन्नत्ति आपको,
इतना काफ़ी है वर्ना लू लग जाएगी आपको,..

Sunday, May 15, 2016

Girls You..

लड़कियों.. अगर
1- तुम खुद अपने दहेज़ का सामान खरीदने के लिए उत्साहित हुई फिरती हो
2- तुम लड़की होने के नाते बाद में आती हो और लाइन में सबसे आगे घुसकर टिकट खरीदना चाहती हो
3- अगर घर का बल्ब फ्यूज़ हो जाता है तो उसे बदलने के लिए और अपनी पंचर गाड़ी को सुधरवाने के लिए पड़ोस में रहने वाले लड़के को बुलाती हो
4- ऑफिस में देर से आना और ठीक पांच बजे उठ जाना अपना अधिकार समझती हो
5- अगर कोई लेडीज़ फर्स्ट कहकर आपको कोई सुविधादेता है तो उसे लेने से इनकार नहीं करती हो
6- बस में खड़े होकर जाने की बजाय किसी पुरुष से ये उम्मीद करती हो कि वह अपनी सीट तुम्हें दे दे
7- अगर नौकरी में हो और महिला होने के नाते फील्ड ड्यूटी औरनाईट ड्यूटी से इंकार करती हो
8- बॉस के जरा सा डांट देने पर आंसू बहाने लगतीहो
9- किसी लड़के के छेड़ने पर मोहल्ले के भइयाओं और चाचाओं के आगे मदद मांगती घूमती हो
10- बैंक में अकाउंट खुलवाने के लिए, पासपोर्ट बनवाने के लिए भइया या पापा को लेकर जाती हो
तो तुम्हें बराबरी के अधिकार का सपना देखने का भी हक़ नहीं है…!

तुम दबी कुचली रही हो और हमेशा रहोगी…!!!

Saare Jahan Se Achchha Hia India Hamara

ये गर्भ में मार देने वालों, पत्थर सरिया भरने वालों, बलात्कारी, एेसिड अटैकरों, लोभियों, ज़िदा जला देने वालों, सतियों, तलाक़ियों, नग्न घुमाकर पीटने वालों की समाज है... क्या बदला है सदियों से पहले भी जननागों में ताले डाले जाते थे, बाल विवाह- विधवा का शोषण, अर्थी में पटककर जला देते थे...


अब उन कुकर्मों ने नई शक्ल ले ली है..


Saare Jahan Se Achchha Hia India Hamara
सारे जहां से अच्छा है इंडिया हमारा।
हम भेड़ बकरी हैं इसके, ये 'गड़ेरिया' हमारा।।
सत्ता के खुमारी में आज़ादी सो रही है।
हड़ताल क्यों है इसकी, पड़ताल हो रही है।।
लेकर के क़र्ज़ खाओ ये फ़र्ज़ है तुम्हारा।
सारे जहां से अच्छा है इंडिया हमारा।।
चोरों और घूसखोरों, पर नोट बरसते हैं।
ईमान के मुसाफिर, राशन को तरसते हैं॥
वोटर से वोट लेकर, वो कर गए किनारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥
जब अंतरात्मा का, मिलता है हुक्म काका।
तब राष्ट्रीय पूँजी पर वे, डालते हैं डाका॥
इनकम बहुत ही कम है, होता नहीं गुजारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥
हिन्दी के भक्त हैं हम, जनता को जताते हैं।
लेकिन सुपुत्र अपने, 'कॉनवेंट' में पढ़ाते हैं॥
बन जाएगा 'कलक्टर, देगा हमें सहारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥
फिल्मों पे फिदा लड़के, फैशन पे फिदा लड़की।
मजबूर मम्मी-पापा, पॉकिट में भारी कड़की॥
बॉबी को देखा जबसे, बाबू हुए आवारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥
जेवर उड़ाके 'बेटा, मुम्बई को भागता है।
जीरो है किंतु खुदको, हीरो से नापता है॥
स्टूडियो में घुसने, पर गोरखा ने मारा।
सारे जहां से अच्छा, है इंडिया हमारा॥

अदम गोंडवी