NSG की विफलता भी अब आम आदमी पार्टी के मत्थे मढ़ी जा रही है। कल से सोशल मीडिया पर देख रहा हूँ NSG की विफलता को लेकर बेवकूफ मोदीभक्तों का गुस्सा केजरीवाल पर फूट रहा है। कोई कह रहा है रमजान के महीने में केजरीवाल की मुराद पूरी हुई, कोई केजरीवाल की तुलना जयचंद से कर रहा है तो कोई केजरीवाल को देश के लिए मनहूस कह रहा है। एक हद तो ये भी देखी कि 2015 में दिल्ली चुनाव की सफलता के जश्न वाले "आप" कार्यकर्ताओं के कुछ फोटो को सोशल मीडिया पर ये कहकर प्रचारित किया जा रहा है कि भारत को NSG सदस्यता न मिलने का जश्न आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर मनाया जा रहा है। इस देश के हर नागरिक के मन की ईच्छा थी कि भारत को NSG सदस्यता मिले। किसी कट्टर से कट्टर मोदीविरोधी ने ये नहीं कहा कि भारत को NSG की सदस्यता नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि प्रधानमंत्री की कुर्सी पर मोदी बैठे है। लेकिन हँसी आती है जब कुछ पढ़े लिखे गँवार सोशल मीडिया पर उन सारे ट्रोल्स जो इधर से उधर करते है जो BJP IT सेल तैयार करती है। अमूमन सोशल मीडिया के प्लेटफार्म आपकी विचारधारा के प्रचार के लिए होते है लेकिन BJP IT सेल सोशल मीडिया पर कृत्रिम विचारधारा विकसित करने का धंधा खोलकर बैठी है। एक व्यक्ति को किसी घटना को कैसे देखना है, देखकर उसका क्या अर्थ लगाना है और क्या प्रतिक्रिया देनी है ये सब BJP IT सेल से संचालित हो रहा है। और इस गंदगी के झांसे में आने वाले वो लोग है जिन्होंने हमेशा किसी भी विषय पर राय रखने के लिए अपने "दिमाग" का से ज़्यादा दुसरे की प्रतिक्रिया और हावभाव पर ज़्यादा भरोसा किया। मेरा परिवार, मेरा भविष्य, मेरा घर, मेरी तरक्की तक सीमित रहने वाले ये लोग पूरा टैक्स भरें न भरें, पड़ोस में हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज़ न उठाएं, अपना काम करवाने के लिए रिश्वत लेने देने से इनकार न करें लेकिन फुरसत मिलते ही दिन का एक हिस्सा देशप्रेम के लिए आरक्षित रखते है। इसीलिए उनकी इस क्षणभंगुर देशभक्ति में उन्हें "उचित नेतृत्व" उस तरफ दिखाई देता है जिस तरफ सिवाए झूठ, फरेब, मक्कारी, नफरत, सनक और घमंड के अलावा और कुछ नहीं है देश को देने के लिए।

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