Tuesday, March 29, 2016


यही तस्वीर है हमारे लोकतंत्र के चयन प्रक्रिया की

नेता हमसे तरह-तरह के वादे करके एक बार वोट झटक लेते हैं
और फिर उसके बाद अपना हक़ माँगने पर ऐसे ही लात मारते हैं।

1 comment:

  1. ‎अपनी‬ मुसिबत की खुद जिम्मेदार है अंगूरी भाभी कमयाबी का नशा सड़ चड़ गया था ।

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