ख़बर
शायद नई न हो --- लेकिन है इम्पॉर्टेंट...
अभी
कई घंटों से इस बात पर माथा पच्ची की जा रही थी कि बार में नाच होगा कि नहीं?
फिर
झमेला हुआ कि उसमें पुलिस वालों के लिए कैमरे लगाए जाएँ या नहीं???
अब
नए वाला ये है कि - महाराष्ट्र में बार बालाओं को छूने या उनपर नोट लूटाए जाने पर छः
महीने तक का ससुराल का सफ़र हो सकता है।
- मामू
पिरामिड
इस
पर लोलबा चुटकी लेते हुए कहता है - भइया ई बतलाईए कि, इतने दिनों से जो हज़ारो करोड़ रुपए ख़र्च
करके मुम्बइया फिलिम वाले हमको सिखाए हैं कि 'भार (बार) में जाओ तो पहले तो सट-सटा के
नाचो और उसके बाद नोट लूटाओ' का
क्या होगा??

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